स्मार्ट फोन रखते हो तो स्मार्ट भी बनो

### क्या आप भी स्मार्ट फोन रखते हैं ###

मुंबई लोकल के फर्स्ट-क्लास में फिल्मे शेयर करते वक्त एक ने दुसरे से कहा – यार तेरा (फोरेन ब्रांड) स्मार्ट फोन बहोत स्लो (धीमा) हो गया हैं अब बदली करले…

दुसरे ने हल्की सी मुस्कान देते हुवे बताया – अरे स्लो भले ही हैं लेकिन आज भी यजफुल हैं, दो साल हो गये, १६ हजार में खरीदा था…पुरा पैसा वसुल किया … कम से कम मेने ६० से ७० फिल्मे देखी होगी इस पर … एक से एक धाँसु! और वो भी सब-के-सब इस लोकल में ही… एक बार थियेटर जाता तो कम से कम २५० रू लगना ही था और ३/४ घंटे बीगडते वो अलग…लेकिन इस पर तो एक दम फ्रि! साथ ही साथ गेम-म्युजीक कि तो सदाबहार!

उसकी बातो से आम तौर से सही मानी जा सकती हैं लेकिन मेरी सोच को थोडा धक्का लगा| शायद इसलिये कि मेरे लिये स्मार्ट-फोन के मायने कुछ अलग ही थे| इस तर्ज पर मेने भी अपने स्मार्ट फोन कि समीक्षा कर ली|

मेरा स्मार्ट फोन (स्वदेशी ब्रांड) वह तो इतना किमती नहीं, मात्र लगभग ६ हजार…और लिये हुवे भी करीब-करीब दो साल… अब आकलन यह लगाना था कि उपयोग कैसा हुवा| उन महाशय का सिधा हिसाब था कि २५० थियेटर कि टिकट और ६०-से-७० फिल्मे, समय कि बचत, गेम्स-म्युजीक जैसे अतिरिक्त लाभ| लेकिन मेरा हिसाब इतना सरल नहीं हो सकता था क्यों कि ना तो मेने इस पर कभी फिल्मे देखी नहीं और ना ही गेम-या-म्युजीक|

तो आखिर मेने स्मार्ट-फोन का इस्तेमाल किया कैसे?

सवाल सही हैं और मेरी नजर में इसका जवाब भी बेहद किमती हैं| अब सोचीये…जब इस प्रश्न के जवाब को ही मेने किमती बता दिया तो जो इस्तेमाल किया होगा उसकी किमत कितनी होगी?

नहीं…नहीं…मेने इससे कोई व्यापार नहीं किया और ना ही किसी औन लाईन इनकम जैसी स्कीम से जुडा….बल्की मेने तो अपने स्मार्ट फोन से जी-जान लगा रखी हैं खुद को जागृत कर दुसरो को जागृत करने की|

हाँ… जागृत| मेने अपने स्मार्ट-फोन से मात्र सोशियल – मिडीया के लिये उपयोग किया| सोशियल मिडीया जिसमे Facbook, Twitter, Whatsup व Hike जैसे एप्लीकेशन, जिसने मुझे कई जाने अनजाने लोगों से जोडा…जो कि अपने ही समाजीक वर्ग का हिस्सा हैं|

लेकिन इससे फायदा क्या हुवा ?

बेहद क्रांतीकारी!  मैं उनसे जुड सका जौ मेरी ही तरह समाज में रहते हुवे भारतीय सभ्यता, संस्कृती, सुरक्षा व अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दो के लिये ना केवल चिंतीत हैं बल्की अपने-अपने तरिके से मातृभुमी कि सेवा में लगे हुवे हैं|

मेने उनके विचारो को जाना, मेने अपने विचार रखे, कई लोगों ने मुझे कुछ समजाया और कईयों को मेने कुछ सिखाया| इस तरह सोशियल मिडीया से जुडे लोगों के स्वत: के भीतर अनेको तरह के वीचारों का मंथन सा  चल पडा| आज इस मंथन से देश के हालात, समाज व देश के विरूद्ध चल रही साजीशे व अनगीनत प्रतीष्ठीत बहरूपीये जिनको मेने कई बार जाने-अनजाने में अपने सिर आँखो पर बैठा लिया था उनसे जुडी कई गुत्थीयो को सुलझाने में बडा सहयोग मिला|

साथ-ही-साथ उन महान विभुतीयों से भी अवगत हो सका जिन्होने राष्ट्र के लिये अपना सर्वस त्याग दिया व आज भी देश कि दशा बदलने में निरंतर लगे हुवे हैं|

क्या कहा?
अखबार ? न्युज चेनल ?
इनसे भी तो यह सब पता चल सकता था !!!

अच्छा-अच्छा…समझा…..मिडीया कि बात कर रहे हो…ठिक याद दिलाया| पहले मेने भी यही भ्रम पाल रखा था कि मिडीया विश्व पर नजर रखने की हमारी आँखे हैं| मिडीया वाले हमें तरह-तरह कि जानकारी दे कर अवगत कराते हैं| लेकिन जबसे सोशियल मिडीया का दामन पकडा हैं मेने….मुझे इस खबरी-मिडीया के नाम से नफरत सी हो चुकी हैं| क्युँ की जीस मिडीया को हम विश्व पर नजर रखने कि आँखे समझते हैं वह तो दरअसल विश्व कि हकिकत से अनजान रहने के लिये नींद कि मिठी डोस देने वाला वो नमक हराम निकला जिसे हमने अपने ही घरों में अपनी मेहनत की कमाई खर्च कर बेहद आदर से पाल रखा हैं|

सोशिय-मिडीया ने मेरी ही तरह के लोगों के एसे-एसे ‘खतरनाक’ भ्रमो को तोडा जिन्हे यदी हम पालते रहे तो ना केवल हम तीसरी गुलामी कि चौखट पर होंगे बल्की हमारे भारत देश के ही कई छोटे-छोटे तुकडे हो जायेंगे और उसके बाद भी समस्या दुर नहीं होगी और खत्म होने तक एक दुसरे से लडते रह जायेंगे|

हो सकता हैं कई लोग शायद मेरी बातों पर विश्वास ना कर पाये…उनसे यही नीवेदन रहेगा कि भाई पहले तनीक पाकिस्तान व बंगलादेश को ही देख लो…अलग हमसे ही हुवे और आज हमसे ही दुश्मनी पाल रहे….और फिर, आज देश का नजारा भी देख लो…

कश्मीर मांगे आजादी…
बंगाल मागें आजादी….
केरला मांगे आजादी और
मनीपुर भी मांगे आजादी …
भारत कि बर्बादी तक….

कुछ सुनाई दिया!!! ना अब यह ना कहना कि ये मिडीया ने ही बताया…यह तो जब सोशियल मिडीया ने आवाज उठाई तब जाकर उन्हे बताना पडा| दुसरी बात… यह नारे पहली बार नहीं लगे हैं…. ये तो सालों से लग रहे हैं….लेकिन खबरी-मिडीया ने तो इसे सालो-साल दबाये रखा था| सोचीये आज जो विपक्ष में रहते हुवे भी इनका समर्थन करने उतर आये हैं, उनके सत्ता में रहते किस-किस तरह से इन्हे आसरा दिया होगा….लेकिन खबरी मीडीया…चुप्प!!!! कम शब्दो में कहें तो खबरी-मिडीया आस्तीन के साँपो को छुपाने, झुठ फैलाने व लोगों का ध्यान भटकाने का जरीया हैं|

स्मार्ट फोन में समाये सोशियल मिडीया ने भारत कि गौरवशाली संस्कृती, सभ्यता, वास्तवीक इतिहास व वर्तमान कि गंभीर समस्या के प्रती ना केवल मुझे जागृत किया बल्की मेरे जैसे लाखों लोगों कि आँखे खोली|

अब एसे ही लाखों लोगों कि फौज दिनरात जुटी हुई हैं देश के करोडों को जागृत करने में और सबका लक्ष्य यही हैं कि जनता को जागृत कर इस देश के रक्षक स्वरूप उभरना….और इसका जरीया होगा यही स्मार्ट फोन हैं|

यकीन मनों, चंद मुट्ठी भर सेना १२५ करोड कि आबादी वाले देश कि सुरक्षा कि जिम्मेदार अकेले कंधो पर उठाना संभव नहीं हो पायेगा…और यदी हम रक्षक बन कर देश कि सेवा में खडे हो जाये तो गद्दारों का हमारी तरफ आँख भी उठाना असंभव हो जायेगा| और खासकर यह तब ज्यादा जरूरी हो जाता हैं जब सिमा पर खडे दुश्मनों से ज्यादा गद्दार देश के भीतर और वो भी आप और हमारे बीच ही पल रहे हो|

कुछ बुद्धीजीवी इस तरह के विचारों से अपनी-अपनी दिलचस्पी का नाम दे कर कन्नी काट सकते हैं….वे वास्तव में “अती बुद्धीमान” हैं|

माना कि मेरा स्मार्ट फोन धीमा जरूर हो लेकिन आज भी वो शब्दो के एसे परमाणु धमाके किये जा रहा हैं जिनके आगे गद्दारी-कि-बिमारी अब बोनी नजर आने लगी हैं|

हाँ….तो … मेरा आँकलन चल रहा था कि मेरे स्मार्ट फोन के उपयोग से मैने अब तक कितना पैसा वसुल किया….मेरे खयाल से अब यह आँकलन बेईमानी हैं…

उस देश के लिये कि गई अपनी देशभक्ती कि किमत मैं क्या लगाउँगा जिसके लिये करोडों ने अपना जिवन न्यौछावर कर हँसते-हँसते फाँसी पर जुल उठे, चलती तोप के आगे सिना लगा कर खडे हो गये, आग के कुँए में कुद कर जौहर रच दिया|

वे धन्य थे …
मैं तो कुछ नहीं….
सच कहता हुँ….कुछ भी नहीं….

अंत में कुछ बाते:
१) यदी आपने अभी तक अपने स्मार्ट-फोन से सोशियल मिडीया नहीं वापरा या मात्र स्वयं के नीजी दोस्तो तक ही सिमीत रखा हैं…
२) यदी आप अपने सोशियल मिडीया में अब तक एक भी देशभक्तों के ग्रूप से नहीं जुडे हैं…
३) यदी आपने अब तक अपने सोशियल मिडीया से देशहित की खबरों को दुसरों तक नहीं पहोचाया हैं…

तो माफ करना… बेहद दु:ख से कह रहा हुँ…
आपका फोन भले ही “स्मार्ट” हो…
आपको “स्मार्ट” बनने में अभी और वक्त लगना हैं !!!

|| वंदेमातरम् ||

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s