Category Archives: Krantikaari Banner

आजादी के संग्राम का अब तांडव मचाने आया हुँ (कविता)

अब तांडव मचाना हैं !!!

अब तांडव मचाना हैं !!!

आजादी के संग्राम  का अब तांडव मचाने आया हुँ।
खाली हाथ नहीं आया साथ कफन भी लाया हुँ।

मंद हवा थम चुकी अब तुफान आने को हैं
सब्र का बांध टुट चुका सैलाब आने को हैं
दिलदहला देने वाला मंजर खडा कर दूंगा
और इंतजार नहीं अब इंकलाब आने को हैँ। Continue reading

हिंदु धर्म गुरुऔ: अब तो जाग उठो!!!

आसाराम बापु पर यह पहली दफा नहीं था की उनके खिलाफ साजीश रची गई। इससे पहले भी कई साजीशों की कोशिश कि जा चुकी हैं और हर छोटी-बडी साजीशों को दलाल मिडीया ने पुरे जोर शोर से उठाया भी लेकीन सारी की सारी कोशिशे विफल रही।

कोशिशे नाकाम रही लेकीन इन कोशिशों के जरीये एक चेतावनी आसाराम बापु के लिये सदैव जस-की-तस थी और वो ये थी की ” साजिशों से सावधान “। यह चेतावनी आज सारे हिंदु धर्मगुरुऔ के लिये हैं और विशेष रुप से उनके लिये हैं जो अपनी पुरी कर्मठता ले धार्मीक जागरण में लगे हुवे हैं। Continue reading

हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला (कवीता)

Our Mother Cow

Our Mother Cow

हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला,
ऐसा गर हो जाये तो फिर भारत किस्मतवाला.

गाय हमारी माता है यह, नहीं भोग का साधन.
इसकी सेवा कर लें समझो, हुआ प्रभु-आराधन.
दूध पियें हम इसका अमृत, गाय ने हमको पाला.
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला…

गाय दूर करती निर्धनता, उन्नत हमें बनाए,
जो गायों के साथ रहे वो, भवसागर तर जाए.
गाय खोल सकती है सबके, बंद भाग्य का ताला.
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला…

\’पंचगव्य\’ है अमृत यह तो, सचमुच जीवन-दाता.
स्वस्थ रहे मानव इस हेतु, आई है गऊ माता.
गाय सभी को नेह लुटाये, क्या गोरा क्या काला.
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला….

गाय बचाओ, नदी और तालाब बचाओ ऐसे,
\’गोचर\’ का विस्तार करें हम अपने घर के जैसे.
बच्चा-बच्चा बने देश में, गोकुल का गोपाला.
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला…

गौ पालन-गौसेवा से हो, मानवता की सेवा,
गौ माता से मिल जाता है, बिन बोले हर मेवा.
कामधेनु ले कर आती है जीवन में उजियाला..
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला..

-अज्ञात

शत्-प्रतीशत: मौदी ही बनेंगे प्रधानमंत्री मंत्री

नरेंद्र मोदी की जीत अब "अटल“ है!

नरेंद्र मोदी की जीत अब “अटल“ है!

देश के लिये चिंतीत महानुभवों से अपील हैं की कृपया किसी भी भांड मिडीया के चेनल देखकर या समाचार पत्र पढकर अपना समय बर्बाद ना करें, ये मिडीया वाले नरेंद्र मोदी के उस अंतीम क्षण तक के जबतक प्रधानमंत्री पद की शपथ ना लेले, मात्र आशंका ही लगाते रहने वाले हैं की वो PM बनेंगे की नहीं!!!

इनकी इन आशकांऔ से वे ये प्रयास किये जा रहे हैं की भौली भाली जनता में संदेह की स्थीती बनी रहे. जब की हकीकत आज कौसौं आगे नीकल चुकी हैं, आज हर गली-मुहल्ले का बच्चा हो या बुढा, सबकी जबान पर मोदी के अलावा और कोई नाम नहीं…

और हो भी भला क्यों नहीं. हैं कोई नेता जिसने सोनीया सहीत पुरी काँग्रेस पर एक आम आदमी के दिल की खुन्नस नीकाली हो! यहाँ  तक की मनमोहन की चड्ढी तक उतार कर रख दी हैं.

चुनाव जब होंगे तब होंगे, लेकीन आज इस देश का हर एक आम-और-खास मोदी के भाषण मात्र से सकुन प्राप्त करता नजर आ रहा हैं…मौदी का भषण अब आम आदमी के सर चढ चुका हैं और ये कोई नसेडीयों वाला नशा नहीं जो थोडी देर मे उतर जायेगा…ये नशा अब जनशक्ती बनकर टुट पडने को उबाल ले रहा हैं…

यकीन मानों, आने वाले समय में एक इतीहास रचने वाला हैं. बस, आप सभी से नीवेदन हैं की इस इतीहास के मात्र मुक दर्शक न बनकर अपनी भुमीका तय करें और जिस कदर भी हो सके योगदान अवश्य करे.

आप अपना योगदान इन तरीकों से कर सकते हैं…

> सोशियल मिडीया में मोदी का हो सके उतना प्रचार करें
> जब भी अपने मित्रो, पडोसीयों और रिस्तेदारों से मुलाकात हो, मोदी को मुद्दा अवश्य बनाये
> काँग्रेस सहीत शरदपवार, कजरीवाल,  मुलायम और मायावती जैसे काँग्रेसी दल्लों का खुलकर वीरोध करें
> सबसे महत्वपुर्ण: अपने इर्द-गीर्द के सभी लोगों का वोटर लीस्ट में नाम हो, सुनीश्चीत करलें और जीनके ना हो तुरंत उनको उचीत कदम उठाने की सलाह दे. देश के प्रती कितनी भी भावना भले क्युँ ना हो पर बगैर वोट के बदलाव संभव नहीं.

2014 का चुनाव एक धर्म युद्ध हैं, कर्म युद्ध हैं और अपने तथा देश के आत्मसम्मान को बचाने के लिये महासंग्राम हैं. यह चुनाव मात्र चुनाव नहीं, ये भारत के हर नागरीक का इम्तीहान हैं की देश को अस्थीरता की खाई में ढकलने वालो के प्रती आखीर जनता आक्रोश में उतरती हैं या नहीं.

जय हिंद, जय भारत!

2002 गुजरात दंगे : मोदी पर दाग या अग्नी-परीक्षा में मोदी की “बेमिसाल” सफलता!!!

image

The making of hell to heaven by Narendra Modi

image

Narendra Modi : The Best!

आज तक काँग्रेसीयों और काँग्रेस पोषित मिडीया वालों ने गुजरात दंगो को लेकर देश को इस तरह से भ्रमीत कर रखा हैं की देश का आम आदमी कुछ सोच ही ना पाये. चुन-चुन कर मोदी के खिलाफ खबरें बनाई गई, दंगा पिडीतो को मोदी के खिलाफ बोलने के लिये किमत दी गई, दंगे मे बीछी लाशों पर राजनीती का धंधा खडा कर दिया गया. एक तरफ दंगे का जख्म और दुसरी तरफ काँग्रेस और मिडीया द्वारा जख्मों को कुरेदना. दस साल हो गये गुजरात को जख्म मिले, लेकीन इन राजनेतीक दलालों का जख्मो को कुरेदना अभी तक नहीं रुका. यहाँ तक की खुद गुजरात की जनता ने इन दलालों की झुठी संवेदनाऔ को एक बार नहीं तीन-तीन बार नकारते हुवे मोदी के पक्ष में फैसला दे दिया.

गुजरात के क्या हिंदु और क्या मुसलमान सभी ने मोदी को एक सुर में अपने “पालन-हार” के रुप में स्वीकृती दे दी. लेकीन आज भी इन दलालों ने अपनी दुकाने बंद नहीं की. जो मसला गुजरात का होते हुवे भी गुजरात ने अस्वीकृत कर दिया हैं उसे ये दलाल पुरे देश का मसला बनाना चाहते हैं!!! गुजरात का भरा जख्म इनसे हजम नहीं हो रहा. नमक छिडकने की आदत से मजबुर ये दल्ले अब बगैर जख्म के भी नमक छिडके जा रहे हैं. Continue reading