Category Archives: Arvind Kejriwal and Gang

कजरिवाल की पोल-खोल [Banner]

कजरिवाल के पोल खोल करते ये लिंक!!!

किसी भी कजरिवाल समर्थक का मुह बंद करने के लिए इन लेखों अवश्य उपयोग करे, इनमे से किसी भी लेख का तोड़ आज तक कोई भी कजरिवाल समर्थक नहीं दे सका…

कज्रिवाल पर स्वयं का आंकलन बेहद जरुरी हैं http://bit.ly/RRLoMK

कज्रिवाल, मिडिया और साजिश http://bit.ly/Qy8bgZ

कज्रिवाल: तिन सवाल और उसके जवाब http://bit.ly/10vuiMX

बस युहीं….हो गयी बहस!!! http://bit.ly/S2MYRJ

कज्रिवाल: तिन सवाल और उसके जवाब

Arvind Kejriwal and three question

Arvind Kejriwal and three question

मित्रो, जब भी कज्रिवाल के खिलाफ कुछ लिखा जाता हैं तो उसके समर्थक बहस करने की बजाये गाली-गलोज करते हुवे दीखते हैं!!! और में उनसे सारी बाते छोड़ कर केवल ये तिन प्रश्न रखता हूँ जिसका जवाब कोई समर्थक देता नहीं…

१) कज्रिवाल ने राजनेतिक दल क्यूँ बनाया?
२) क्या एक मुद्दे के आधार पर राजनेतिक दल बनाना सही हैं?
३) कितने सालों में कज्रिवाल अपना सपना पूरा कर लेंगे?

मुश्किल से एक ने दिया भी था लेकिन राजनेतिक दूर दृष्टि से काफी परे था. उन तिन सवालों के जवाब यहाँ स्वतः के दृष्टिकोन से रखता हूँ. उम्मीद करता हूँ की सभी सहमत होंगे और अगर ना हुवे तो कृपया अपने विचार जाहिर करे क्यूंकि लोकतंत्र में सिर्फ जनता के केवल सही या देश भक्त होने से काम नहीं चलता. सफलता तब तक नहीं मिल सकती जब तक की जनता का एक बड़ा हिस्सा सही राह पर एक साथ ना चले और यही लोकतंत्र की बड़ी खामी हैं.

१) कज्रिवाल ने राजनेतिक दल क्यूँ बनाया?
क्यूंकि उसे इस काम के लिए विदेशियों ने भारी भरकम रकम दी (google कीजिये कज्रिवल फोर्ड फाउंडेशन). विदेशियों ने भारत के कई हिस्सों का सर्वे कर ये ज्ञात कर लिया हैं की कांग्रेस की बिसाख हिल चुकी हैं और अगले चुनाव में जबतक की बीजेपी के vote काटे नहीं जाए तब तक कांग्रेस का पुन्ह जितना असंभव हैं. इस नेक काम के लिए कज्रिवाल को खड़ा किया गया . जब अन्ना आन्दोलन अपने चरम पे था तब ही कांग्रेसी और विदेशी पूरी तरह से हिल चुके थे और हिस्सार के चुनाव के बाद भ्रष्ट पगला गए थे. उन्होंने अन्ना टीम के ही किरदारों को खोदना शुरू किया ताकि अन्ना टीम में फुट डाली जा सके. प्रशांत भूषण तो पहले से ही जगजाहिर दलाल था और कज्रिवाल एक नए दलाल के रूप में उभरा और इन्होने एक रणनीति के चलते विदेशियों का खेल अन्ना टीम पर खेला. इन सारी बातों के सबुत अगर आप मुझसे मांगेंगे तो क्षमा करे उसके लिए अपनी अंतरात्मा को टटोलें.

२) क्या एक मुद्दे के आधार पर राजनेतिक दल बनाना सही हैं?
आज कांग्रेस की भ्रष्टता इतनी उजाघर होने के पश्चात भी कांग्रेस को सत्ता से कोई दल हिला नहीं पा रहा हैं और उसकी सबसे बड़ी वजह हैं सारे भ्रष्टों की अटूट एकता. और इस देश में जितने भी देशभक्त विचारधरा रखने वाले नेता हैं, वो सब अपने-अपने विचार ले कर बिखरे हुवे हैं. ना ही ये देशभक्त नेता आपस तालमेल बना पाते हैं और ना ही भ्रष्ट इन्हें एक होने देते हैं. अब ऐसे माहोल में अगर हर-एक मुद्दों के आधार पर राजनेतिक पार्टी बनायी जाए तो बताओ भला किसका फायदा होगा? इन भ्रष्ट ताकतों का ही होने वाला हैं क्यूंकि ये एकजूट हैं. इसलिए एक मुद्दे को उठाकर पार्टी बनाना उस मुद्दे की गंभीरता को ही नष्ट करदेना हैं जैसा की लोकपाल मुद्दे के साथ हुवा. थोड़ा दिमाग पर जोर दे कर सोचो की कज्रिवाल नाम की बिमारी के पहले “लोकपाल” मुद्दे का कितना जोर था…और आज कितना हैं!!!
ये ना तो समझदारी हैं और ना ही ये देश हित में हैं.

३) कितने सालों में कज्रिवाल अपना सपना पूरा कर लेंगे?
अगर कज्रिवाल पूरी शक्ति, सम्पूर्ण इमानदारी और दिन-रात एक करके भी इस कार्य को अंजाम देने में लगा दे तो भी ये कार्य कज्रिवाल 2014 के चुनावों के बाद नहीं कर सकते और ये खुद कज्रिवाल भी जानते हैं. लेकिन उनका मकसद लोकपाल नहीं देश को गुमराह करना हैं. कज्रिवाल की पार्टी को बीजेपी / कांग्रेस के कद तक पहुँचते-पहुँचते भी 15 से बीस साल आराम से निकल जायेंगे. अब बताओ जहां जो लोग 16 महीने के जन-आन्दोलन से ही इतनी जल्दी हार मान गए वहाँ 15 से 20 साल वे कैसे इंतज़ार करने को राजी हो गए!!! और उसके बाद भी शायद ही कज्रिवल को सत्ता मिलेगी…और मिलेगी तो भी “घटबंधन” वाली!!! आज चाहे FDI का मुद्दा हो या रिजर्वेशन का मुद्दा हो, हर मुद्दा संसद में आंकड़ों के दम पर खेला जाता हैं और ऐसे में कज्रिवाल जिस कांग्रेस, बीजेपी या और दुसरे राजनेतिक दल जिनको आज घालीयाँ देते फिर रहे हैं उनकी शरण में जाना ही पड़ेगा. क्यूंकि vote देने वाली जनता जिसे अन्ना जागरूक कर रहे थे, कज्रिवाल ने अन्ना का रास्ता ही बंद कर दिया और राजनीती करने निकल गए!!!

थोडा भी जागरूक/समझदार नागरिक इन विषयों पर सोचे तो अपने विचारों को शुद्ध कर सकता हैं. और विचार शुद्द करना इसलिए जरूरी हैं क्यूंकि हमसभी को एक राह पकड़ कर चलना हैं तभी इस देश की “दशा और दिशा” बदल सकती हैं.

जय हिन्द!!! जय भारत!!!
————————————–
Must Read:
कज्रिवाल पर स्वयं का आंकलन बेहद जरुरी हैं http://bit.ly/RRLoMK
कज्रिवाल, मिडिया और साजिश http://bit.ly/Qy8bgZ
————————————–