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एक गौ-भक्त से मुलाकात हुई

एक गौ-भक्त से मुलाकात हुई…..

मिलते ही मेंने कहा “जय गौ माता” उसने भी पुरी श्रद्धा से जवाब दिया “जय गौ माता”

मेंने कहा विदेशी देश को लुट रहे …. उसने कहा जय गौ माता
मेंने कहा विधर्मीयों ने लव जिहाद छेड रखा हैं … उसने कहा जय गौ माता
मेंने कहा गरीब हिंदु (जेन, सिख, सनातन, बोद्ध) धर्मियों का धर्मांतरण हो रहा …. उसने कहा जय गौ माता
मेंने कहा विदेशी मिडीया लौगों को गुमराह कर रहा … उसने कहा जय गौ माता
मेंने कहा लौगो में देशभक्ति दम तोड रही … उसने कहा जय गौ माता
मेंने कहा देश बर्बादी की और हैं गद्दार नेता को नंगा करना हैं …. उसने फिर कहा जय गौ माता

मैं सच्चे दिल से उस गौ-भक्त की गौ-भक्ती को नमन करता हुँ क्युँ की उसमें वो भक्ति हैं जिससे में खुद भी शायद अग्यान व अपरिचीत हुँ |

ये बात जरूर सच हैं कि बगैर गौ-भक्ति के इंसान का अस्तित्व ही निराधार हैं और गौ माता कि जय तो हिंदु की अंतीम साँस तक गुँजेगी… लेकीन भाई, सिर्फ गौ माता के नाम से क्या देश बचेगा? क्या गौ हत्या रूकवा भी लिये तो गद्दार गैरधर्मी अपने पापों से मुँह मोड लेंगे?

मेरा यह तो बिल्कुल ही नहीं चाहुँगा की वो अपनी गौ-भक्ति को कम करे और मेरे इस लेख से एसा हुवा तो भी मैं एक बडे पाप का भागी हो जाऊंगा लेकिन मैं ये जरूर चाहुँगा कि मेरा यह गौ भक्त दुसरी जटिलताऔ को कम ना समझे|

और मेरा आंकलन तो यही मानता हैं कि जब तक एसी अन्य समस्याऔ से लोग जागृत हो कर, लड कर विजय नहीं प्राप्त कर लेते हमारी गौ माता को हम जिस स्थान पर देखना चाहते हैं वो संभव नहीं|

(नोट: यह विचार पुर्ण रूप से मेरे नीजी हैं और इससे किसी के विचारो को आहात करने का कोई ईरादा नहीं, अगर एसा होता हैं तो क्षमा करे)

जय गौ माता 

सौगंध मुझे इस मिट्टी की

नरेंद्र मोदी जी की कविता
 
 
narendra-modi-kavita

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सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।
मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा।।

मेरी धरती मुझसे पूछ रही कब मेरा कर्ज चुकाओगे।
मेरा अंबर पूछ रहा कब अपना फर्ज निभाओगे।।

मेरा वचन है भारत मां को तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

वे लूट रहे हैं सपनों को मैं चैन से कैसे सो जाऊं।
वे बेच रहे हैं भारत को खामोश मैं कैसे हो जाऊं।।

हां मैंने कसम उठाई है मैं देश नहीं बिकने नहीं दूंगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

वो जितने अंधेरे लाएंगे मैं उतने उजाले लाऊंगा।
वो जितनी रात बढ़ाएंगे मैं उतने सूरज उगाऊंगा।।

इस छल-फरेब की आंधी में मैं दीप नहीं बुझने दूंगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

वे चाहते हैं जागे न कोई बस रात का कारोबार चले।
वे नशा बांटते जाएं और देश यूं ही बीमार चले।।

पर जाग रहा है देश मेरा हर भारतवासी जीतेगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

मांओं बहनों की अस्मत पर गिद्ध नजर लगाए बैठे हैं।
मैं अपने देश की धरती पर अब दर्दी नहीं उगने दूंगा।।

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा।
अब घड़ी फैसले की आई हमने है कसम अब खाई।।

हमें फिर से दोहराना है और खुद को याद दिलाना है।
न भटकेंगे न अटकेंगे कुछ भी हो हम देश नहीं मिटने देंगे।।

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा।
मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा।।

 

— श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी —

मरती हुई कांग्रेस में जान फूंकी हैं केजरीवाल ने !!!

मरती हुई कांग्रेस में जान फूंकी हैं केजरीवाल ने

मरती हुई कांग्रेस में जान फूंकी हैं केजरीवाल ने

अब तक ये तो सभी जान चुके हैं कि #AAP कोई नैतिकता पालने वाला राजनेतिक दल नहीं बल्कि विदेशी ताकतो कि रखेल कांग्रेस का ही दूसरा चेहरा हैं। 2104 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को इस दूसरे चेहरे का कितना फायदा हो पायेगा ये कहना अभी मुश्किल भले ही हैं लेकिन इसने आज भी कांग्रेस बदतर हो रही हालत को सम्भाला हैं।

#कांग्रेस पर केजरीवाल के एहसान का अनुमान सिर्फ इस बात के आंकलन से ही आप लगा सकते हैं कि यदि इस चुनाव में #आप का जन्म ना हुवा होता तो अकेले कांग्रेसी सोशियल मीडियां पर दिन-रात कितनी ही गालिया खा रहे होते , लेकिन केजरीवाल ने अपनी उपस्थिति से कांग्रेस कि सारी गालियों को अपने सर आँखों पर ले लिया।

आज हर वो शख्स जो कांग्रेस को दिन-रात, भर-भर  के कौसा करता था , अब सबसे पहले #केजरीवाल और #आप के लोगों पर अपना गुस्सा निकलता हैं। अपनी नीचता और सड़क पर कि गई औंछी नौटंकी से लोगों के मन में कांग्रेस के खिलाफ भरे हुवे उबाल केजरीवाल ने अपनी और मुड़ा लिया हैं।

#आप आने के पहले कांग्रेस एक मात्र लोगों का निशाना बनी हुई थी और सबसे निचले दर्जे का दल बनी हुई थी। लेकिन अब आप किसी से भी पूंछेंगे तो वो कांग्रेस को तो #आप से भला ही बतायेगा।

यह नुस्का बिलकुल वैसा ही हैं कि एक कोरे कागज पर खिंची गई लकीर को बैगैर छेड़े अगर छोटा साबित करना हो तो उसके बगल में उससे भी बड़ी लकीर खीच दी जाए। अब पूछिए किससे भी कौनसी लकीर छोटी हैं… जवाब मिलेगा पहली वाली!!! ठीक वैसे ही एक हद से गिरी हुई कांग्रेस को अच्छा बनाने के लिए उससे भी अधिक गिरी हुई और औंछि हरकते करने वाला दल पैदा कर दो , तो सबकी नजर में पहले वाली कांग्रेस कि स्थिति अच्छी हो जाती हैं और-तो-और बैगेर कोई भला काम किये…. हैं ना कमाल !!!

नरेंद्र मोदी को केजरीवाल रोक पाएंगे इसके तो कोई असार नजर नहीं आते , लेकिन कोंग्रेसियों के लिए केजरीवाल ने बड़ा ही उद्धार का काम किया हैं , यकीं मानो !!!

सारांश : इस देश से “कांग्रेस” का अंत बेहद जरुरी हैं।

जागो और जगाओ , देश बचाओ !!!
अभी तो करोडो को जगाना हैं !!!

अगर मोदी ना बन सके प्रधानमंत्री

मोदी लाओ, देश बचाओ

मोदी लाओ, देश बचाओ

वास्तव में, कुछ लोग यह आंकलन करने में समय बर्बाद कर देते हैं कि आखिर नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री बन भी गया तो क्या हो जाएगा लेकिन सोचने वाली बात तो यह हैं कि अगर नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री ना बन सके तो देश को किन-किन मुसबतों से गुजरना पड़ेगा। ऐसे ही कुछ भयभीत करदेने वाली सच्चाई पर लोगों का ध्यान केंद्रित करना बेहद जरूरी हैं।

अगर नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री ना बन सके तो….
> भारत में अमेरिकी कंपनीयो के राजनीतीक हस्तक्षेप चरम पर हो जायेंगे
> देश की राजनीतिक अस्थिरता के चलते विदेशी ताकते अप्रत्यक्ष रूप से देश पर हावी होगी
> देश की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालना नामुमकिन हो जायेगा क्यूंकि सबसे पहले हाथ खीचने वाले विदेशी निवेशक ही होंगे
> देश के कट्टरपंथी जो मोदी को रोकने के लिये एडी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, उनके हौसले बुलंद हो जायेंगे और फिर इनकी कट्टरता के अत्यधिक दुषपरिणाम असमाजिक तत्वो  कि भरमार स्वरूप मिलेगा
> आतंकवादी, जिनके अबतक मोदी कि आहट से हाथ-पाँव फुले हुवे हैं, वे पुर्णतया बेलगाम हो कर और अधिक रूप से सक्रिय हो जायेंगे
> पाकिस्तान और चीन जो रह-रह कर भारत को छेडते आ रहे हैं वे भी बेखोफ हो कर अपनी दबंग-गिरी पर उतर आयेंगे जिससे सिमा पर भारी अशांती की स्थीती बन जायेगी जिससे सीमा सुरक्षा का खतरा बढ़ जाएगा
> पाकिस्तान में बढ़ते तालिबानी वर्चस्व से साफ़ नजर आता हैं कि पकिस्तान पर जल्द ही तालिबानी कब्जा होने वाला हैं ऐसी स्थिति में उनका पहला लक्ष्य कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत में आतंकवाद फैलाना और यहाँ तक कि जंग छेड़ देना।
> अगर बैगर सक्षम प्रधान मंत्री के देश को युद्ध के दौर से गुजरना पड़ा तो अवश्य ही ये वो भयावह स्थिति होगी जिसकी कल्पना और अंजाम रोंगटे खड़े कर देता हैं
> देश के अल्पसंख्यक और पिछडा वर्ग जो आजतक मात्र वोट बँक की राजनीती का शिकार होता आया हैं, वो एकबार फिर अपनी हक से वंचीत हो जायेगा क्युँ की इस वर्ग का सबसे अधीक वीकास अगर कहीं हुवा हैं तो वो मात्र मोदी के शासन में हुवा हैं
> देश में संप्रदाईकता के नाम पर हिंदुत्व का घला घौटा जायेगा, सेक्युलरता के नाम पर सारी हिंदुत्व विरोधी ताकते एक झुठ हो कर अपना वर्चस्व साबीत करने में लगजायेगी
> देश कि सेना का मनोबल धराशायी होगा क्युँ की हाल की कई घटनाऔ में भारत सरकार के लचीले रवईय्ये को लेकर वे पहले से ही नाराज हैं और मोदी से उनकी काफी उम्मीदे जगी हैं
> स्वदेशी उद्योग जगत में नीराशा फैलजायेगी जिसकी कमर पहले से काँग्रेस शासन के चलते टुट चुकी हैं
> राजनैतीक अस्थीरता के चलते महंगाई कि मार और अधिक बढेगी जिसका सबसे बुरा असर मध्यम वर्गीय और गरीब जनता पर पडनेवाला हैं
> कृषी जगत को बहोत बडा नुकसान झेलना होगा क्युँ की मोदी एक मात्र एसे नेता हैं जिसने किसानों को उद्योगपती की श्रेणी में लाकर खडा किया और हर नीती में किसानों के विकास को प्राथमीकता प्रदान की
> देश के घटते पशुधन को बचाने वाली मुहीम को भारी झटका लगेगा क्युँ की आजादी के बाद से गौ-हत्या पर संपुर्ण पाबंदी लगाने कि मांग करने वाले गौ-भक्तो कि पुरी उम्मीदे अब मात्र नरेंद्र मोदी से टिकी हैं
> सोशियल मिडीया से जागृत और संघठीत हुवे देशभक्तों का मनोबल भी धराशाही होगा जो की देश के भवीष्य के लिये दु:खद दायी होगा
> देश में लोकतंत्र कि ये सबसे बड़ी हार होगी क्यूंकि आज देश का एक बड़ा वर्ग एक मात्र नरेंद्र मोदी को प्रधान मंत्री के रूप में देखना चाहता हैं

ये वे मुसीबते हैं जिन्हे ना ही कोई भारतवासी झेलना चाहेगा और ना ही ये देश हित में हैं।  देश को बचाने का एक मात्र मौका हैं। कृपया इसे अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचाए।

जागो और जगाओ, देश बचाओ !!!
अभी तो करोड़ों को जगाना हैं !!!

आपका 20 :: ‪‎मोदी‬ का 272+

20 to 272+

20 to 272+

# आपका 20 :: ‪#‎मोदी‬ का 272+ #

२०१४ के महासंग्राम के सिपाही बने और अभी से अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के मात्र २० मोबाईल नंबर एसे जमा करलो जो नीश्चीत रूप से मोदी को वोट देंगे.

चुनाव के दिन सुबह से इन नंबरो को थोडी-थोडी देर में काल करते रहो जबतक की इन्होने वोट ना डाल दीया हो.

इस छोटे सी मेहनत का असर दम-दार नतीजा शतप्रतीशत होगा, साथ ही आपको भी खुद पर गर्व होगा.

आज देश आपका योगदान मांग रहा, कृपया ये छोटी सी जीम्मेदारी अवश्य ही उठाये.

इस दफा चुनाव जनता को लडना हैं : क्या आप तयार हैं???

नोट: अगर आप मोदी की इस लडाई से सीधे जुडकर अपना योगदान देना चाहते हैं तो कृपया email में अपना मोबाईल नंबर + pincode दे सकते हैं.

जय हिंद, जय भारत!

अरविन्द केजरीवाल के ४८ रंग

#LiarKejriwal : The Big CHAMELEON

#LiarKejriwal : The Big CHAMELEON

48 दिन की सरकार के 48 ड्रामें !!!

१) ना हम समर्थन देंगे, ना लेंगे
२) बीजेपी तो जोड तोड मे माहीर हैं फिर क्यँ सरकार नही बना रही
३) मेरे बच्चे की कसम, हम किसी से समर्थन नहीं लेंगे
४) काँग्रेस जैसी पार्टी हमे बीना शर्त समर्थन क्युँ दे रही
५) हमे बीजेपी काँग्रेस की मंशा ठिक नहीं लग रही
६) बीजेपी-कांग्रेस हमारी शर्ते मानले तो हम सरकार बनाने पर सोचेंगे
७) हम जनता से राय लेंगे की हम सरकार बनाये या नहीं
८) हम १०० से ज्यादा सभायें करेंगे और हर सभा की विडीयो रेकोर्डींग कर मशवरा लेंगे की हम सरकार बनाये की नहीं
९) दिल्ली की जनता ने हमे आदेश दिया हैं की सरकार बनायी जाये
१०) हम दुसरी पार्टी के इमानदार लोगों से अपील करते हैं की वे हमारे साथ आये
११) बीजेपी अपनी जीम्मेदारी से भाग रही हैं इसलीये हम सरकार बना रहे

चुनाव से पहले >
१२) शिला दिक्षीत के भ्ष्टाचार के खिलाफ मेरे पास ३०० पेज रिपोर्ट मौजुद हैं
१३) हम सरकारी बंगला-गाडी नहीं लेंगे
चुनाव के बाद >
१४) हर्षवर्धन जी के पास शीला के खिलाफ कोई सबुत हो तो हमे दे हम कार्यवाही करेंगे
१५) राज्यपाल को बडे बंगले के लिये खत भी लिख दिया
१६) मेने मेरे दोस्तो और रेश्तेदारों के सुझाव से बडा बंगला लेने का फैसला बदल दिया
१७) शपथ ग्रहण के लिये हम आम आदमी की तरह मेट्रो में जायेंगे (महीला कोच में आम-आदमी)
१८)शपथ ग्रहण समारोह रामलीला मैदान में करेंगे ( तीन गुना अधीक खर्चा)
१९) हम जनता दरबार के जरीये उनकी समस्या सुनेंगे (भगदड में जान बचाकर भागना पडा)
२०) अब हम जनता दरबार नहीं लगायेंगे

२१) सोमनाथ भारती का साथ ना देने वाले पुसीस अफसर को सस्पेंड कराने के लिये हम धरना करेंगे
२२) पुलीस अफसरों को छुट्टी पर भेजदिया गया हैं इसके लिये हम अनशन खत्म करते हैं और ये दिल्ली वासीयों की जीत हैं
२३) हमे खत लिखकर विदेशी सरकार ने हमारे कार्य की प्रशंसा की हैं (खत झुठा नीकला, तो बोलती बंद)
२४) २६ जनवरी पर वीआईपी कल्चर खत्म होना चाहीये (लेकीन खुद वीआईपी क्लास में सुरक्षा कर्मीयो के साथ पँहुच गये)
२५) अन्ना ने हमे आशिर्वाद दिया हैं, अन्ना हमारे साथ हैं (लेकीन अन्ना ने हकाल दिया)
२६) अन्ना को बीजेपी वालों ने भडकाया हैं
२७) हमने बीजली के दाम कर दिये हैं ( लेकीन बीजली ही गुल हो गई)
२८) हमने पानी के दाम भी कम कर दिये ( लेकीन तय सिमा से एक युनीट भी उपर, तो पुरे बील चुकाऔ)
२९) प्रशांत भुषण की कश्मीर राय नीजी हैं ( तो क्या अगर वे पार्टी के संस्थापक नेता हैं)
३०) १९८४ के दंगों पर SIT बननी चाहीये
३१) गुजरात दंगो मे मोदी का हाथ (तो क्या हुवा SIT ने क्लीन चीट दी)
३२) मोदी ने हमारे विधायकों को खरादने की कोशीश की
३३) मिडीया वालो ने बेनी को लेकर झुठा प्रचार किया हैं
३४) बेनी हमसे नाराज नहीं ( थोडे ही दिन बाद बेनी कजरीवाल के खिलाफ धरने पर)
३५) बेनी को बीजेपी वालों ने भडकाया हैं
३६) प्रेस काँफ्रेंस में बोल बैनी बोल रहे थे लेकीन स्क्रीप्ट बीजेपी की थी
३७) बेनी को मंत्री पद नहीं मीला इसलीये नाराज हो रहे
३८) हम शीला पर कार्यवाही करेंगे ( लेकीन cwg घौटालों की FIR में शीला का नाम तक नहीं)
३९) हमे सरकारी लोकपाल मंजुर नहीं ( जिसे उनके गुरू अन्ना ने मंजुर कर लीया)
४०) लोकपाल पर अन्ना झुक गये हैं, बहकावे मे आ गये हैं
४१) हम दिल्ली के लिये और भी मजबुत लोकपाल बनायेंगे ( लेकीन दिल्ली अधीकार क्षेत्र में ही नहीं, केंद्र के हाथ)
४२) हम लोकपाल दिल्ली राज्यसभा में रखेंगे ( बगैर गवर्नर की मंजुरी के  अंसवेधानीक तरीके से)
४३) दिल्ली का गवर्नर नसीब जंग काँग्रेसी एजेंट हैं
४४) बीजेपी-काँग्रेस की मिली भगत के कारण लोकपाल पास ना हो सका
४५) मेरे लोकपाल का वीरोध हुवा इसलीये में इस्तीफा देता हुँ
४६) मुकेश अंबानी सरकार चला रहे हैं ( इस्तीफे के ठिक पहले जो बील पास करवाया उससे अंबानी ग्रुप को ही फायदा मीला)
४७) मोदी को वोट देना मतलब मुकेश अंबानी को जीताना
४८) हम लोकसभा का चुनाव लडेंगे ( दिल्ली नहीं संभली तो क्या हुवा)

जागो और जगाऔ, देश बचाऔ !
अभी तो करोडों को जगाना हैं !!!!

दिल्ली में खुद काँग्रेस ने करवाया अपना सुपडा साफ !!!

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चार राज्यों के चुनाव में कांग्रेस को करारी हार भले ही मिली हो लेकिन दिल्ली को लेकर भारत कि राजनीति में काँग्रेस रुपी विदेशी ताकतों ने बहोत बडा गेम खेला हैं। ये गेम काँग्रेस ने अपनी पेदाईश “आप” पार्टी को साथ लेकर खेला हैं।

बंदुक और निशाना काँग्रेस (विदेशी ताकतों) का था, कंधा कजरिवाल का वापरा गया और लक्ष्य चुनाव 2014 ।

दिल्ली में “आप” पार्टी कि कोई औकात नहीं थी कि वे इतनी सिटे जित कर ले जाये जब तक कि काँग्रेस अपनी लडाई से पिछे ना हट पडे।

दिल्ली में काँग्रेस हारी नहीं बल्कि काँग्रेस ने खुद हार को गले लगाया और कजरीवाल ने जित खुद के दम पर हाँसील नहीं कि बल्कि काँग्रेस ने हर तरह से “आप” को पैर पसारने का मौका देकर जित दिलाई।

अब सवाल खडा होता हैं कि आखिर इसके पिछे कि पुरी साजिश हैं क्या….

ये एक बहोत बडा षडयंत्र जो कि लंबी रणनिती के तहत खेला गया हैं। इस षडयंत्र को चुनाव के पहले सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि देशभर में किये गये तमाम सर्वेक्षणों के नतिजों के बाद तयार किया गया हैं।

हर तरह के चुनावी सर्वेक्षण में हर राज्यों में काँग्रेस की करारी हार सामने आ ही रही हैं। लेकिन काँग्रेस किसी भी तरह से अपनी इस “हार” को बीजेपी के गले की “विजय” माला बनने नहीं देना चाहती। और जनता का मुड भी काँग्रेस अच्छी तरह से भाँप चुकी हैं कि किसी भी परिस्थिति में जनता अब काँग्रेस को वोट नहीं देने वाली।और नरेंद्र मोदी के हाथ में देश कि कमान काँग्रेस बर्दाश्त कर ही नहीं सकती। लेकिन नरेंद्र मोदी का तोड अब काँग्रेस के जरीये निकलना असंभवसा हैं। इस लिये काँग्रेस ने अब अपनी रणनीती को बदलते हुवे पैतरा ही बदल लिया।

दिल्ली में “आप” का कद बढवाकर काँग्रेस ने कई निशाने साधे हैं…
1) “आप” को जितवा कर काँग्रेस ने कजरीवाल को हिरों बनाने कि कोशिश कि हैं
2) सारे काँग्रेसी दलाल मिडीया जिनको मजबुरी में नरेंद्र मोदी का ही नाम लेना पडता था वो अब कजरीवाल को मोदी कि तुलना में खडा करेंगे
3) विदेशी ताकतों ने पहले ही कजरीवाल पर भारी भरकम पैसा लगा रखा हैं अब विदेशी पैसों पर ही पलने वाला भांड मिडीया पुरी ताकत लगाकर कजरीवाल को नरेंद्र मोदी के टक्कर में खडा करने कि कोशिश करेगा
4) इसका मतलब लोकसभा चुनाव में जो वोट काँग्रेस से कट कर बीजेपी को जा रहे थे अब उन्हे कजरीवाल के खाते में उतारा जायेगा
5) विदेशी ताकतों ने अपनी रखेल काँग्रेस को अब नई खाल “आप” पार्टी के रुप में उतार दिया हैं

होशियार!  होशियार! होशियार! यह नरेंद्र मोदी कि बढती ताकत पर कठोर अंकुश लगाने का राष्ट्र विरोधी विदेशी ताकतों का बहोत बडा गेम प्लान नजर आ रहा हैं।हमें हर किसी को होशियार करने कि सख्त आवश्यकता हैं।

जागो और जगाऔ, देश बचाऔ !!!

जय हिंद, जय भारत!!!