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​अब भोगी नहीं बल्कि योगी शासन करेंगे 

​अब भोगी नहीं बल्कि योगी शासन करेंगे 
नरेंद्र मोदी द्वारा योगी अदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाये जाने का सिधा संकेत…. 
🚩 भांड मिडिया कितना भी विधवा विलाप करले… मोदी को तिल जितना भी फर्क नहीं पड़ता 
🚩 विकास एजेंडा के चलते मोदी की हिंदुत्व के लिये निष्ठा अप्रभावित 
🚩 सेक्युलर किडो को कब-कहाँ-कितनी पेस्टीसाईड देने हैं यह मोदी अच्छी तरह जानते हैं… ये किडे आज भले ही तुरंत खत्म नहीं किये जा रहे, लेकिन इनकी जड़ों को खोदना शुरू हो चुका हैं 
🚩 उत्तर प्रदेश के विकास सहित सांस्कृतिक रक्षा हेतु मोदी बेहद गंभीर व पूर्ण रूप से परिपक्व 
🚩 यह उत्तर प्रदेश में राम मंदिर सहित राम-राज्य स्थापित करने कि और एक एतिहासिक कदम
🚩 भविष्य में मोदी के और अधिक तेज धारी व खतरनाक रणनीति का आगाज 
जय जय श्री राम 🚩🚩🚩

नारी तु नारायणी 

​मैं एक स्त्री हुँ… 👩‍👧‍👦
जब जन्मी तब पिताजी का नाम मिला…

 यह पिताजी का गर्व था
माता-पिता ने मुझे पहनावे व 

चाल-चलन के संस्कार सिखाये

और जिन्हें अपना कर मेैने अपने परिवार 

के स्वाभिमान का मस्तक सदैव उचा रखा

 यह मेरी जिम्मेदारी थी
विवाह पश्चात पति का नाम मिला

नया घर व परिवार में सम्मान मिला

 यह मेरा हक था
पुत्र – सुपुत्री को मैंने अपने संस्कारों में ढाला

उन्हे हमारे इतिहास व अध्यात्म से जोड़ा 

जिससे समाज व देश के ‘कल’ को 

मेरे परिवार से भावी पीढ़ी मिले

 यह मेरी चुनौती थी
नारी कि समझ पर ही जन-जीवन 

व संपूर्ण सृष्टि का मंगल टिका हुआ हैं…

यह ज्ञान मात्र हमारी संस्कृति कि ही देन हैं। 
मैं एक भारतीय नारी हुँ इसलिए मैं अपनी जिम्मेदारी समझती हूँ…. और मुझे अपनी इस समझ पर गर्व हैं। 
सिर्फ महिला दिवस कहने में कोई दम नहीं 

आओ मनाए… भारतीय महिला दिवस
🚩 सभी बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ 🚩

…. और पढे़…. 

*भारतीय महिलाएं प्राचीन काल से ही हैं आर्थिक क्षमता संपन्न*
वामपंथी विचार धारा वाले इतिहासकारों व समाजिक बुद्धिजीवियों ने हमें हमारी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने को मजबूर किया कि हमारी भारतीय संस्कृति में महिलाएं केवल घरेलू कार्यभार ही संभालती आई हैं व घर कि आमदनी में उनका योगदान केवल शुन्य ही हुवा करता था!!!
क्या यह सत्य हैं? 
अब देखिए… यह कितना विरोधाभास ज्ञान हैं। यह तो सभी जानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश रहा हैं अर्थात अधिक तर पूर्वकालिन परिवार कृषि व गोपालन पर ही आधारित होते थे। और इन दोनो ही कार्यों में किसान कभी अकेला नहीं होता हैं बल्कि पुरा परिवार उसका हाथ बटाता हैं। फिर भले ही वह किसान कि माता हो, बहन हो, पत्नी हो अथवा पुत्री हो…. सभी अपनी क्षमता के अनुरूप योगदान करते हैं। कृषि व गोपालन दोनो ही परिवार को आर्थिक सबलता प्रदान करते हैं फिर किस आधार पर ये बुद्धिजीवी भारतीय प्राचीन परंपरा में महिलाओं को केवल घरेलू कार्यभार संभालने तक का ठप्पा लगाकर प्रस्तुत करते आये हैं? 
आज भी कई पढ़े-लिखों कि सोच में इन वामपंथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया नजरिया ही जमा हुवा हैं जिससे वे हमेशा भारतीय परंपरा को कोसते नजर आते हैं।  

#KnowYourEnamy #KnowOurVedicCulture #KnowYourHistory

सत्यार्थ प्रकाश 

​सत्यार्थ प्रकाश के लेखक व युग पुरूष महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन् (१२ फरवरी)🙏

सत्यार्थ प्रकाश – एक एसी पुस्तक जिसमें सनातन धर्म के यथार्थ को उतारा हैं साथ ही इस्लाम व बाइबल के कई असत्य से पहलुओं पर एक जमीनी आंकलन किया गया हैं। वे लोग जो सभी धर्म के एक समान मानते हैं एसे लोगों को अपना भ्रम दूर करने के लिये इस पुस्तक को एक बार अवश्य पढ़नी चाहिए क्यों कि भ्रम पला ज्ञान व बीता जिवन कभी सार्थक सिद्ध नहीं हो सकता। 

इस पुस्तक में व्यक्त विचारों व प्रश्नों का तोड़ निकालने में बड़े-बड़े महारथी विफल रहे हैं और अन्य धर्म के महारथियों ने अपने भ्रमित धर्म को त्याग कर सनातन धर्म कि महिमा को स्वीकारा हैं जिससे इस पुस्तक के अतुल्य ज्ञान का परिचय प्राप्त होता हैं। 

गुगल प्ले – पर यह हिंदी पुस्तक बिना किसी शुल्क के उपलब्ध हैं जिसे हर कोई अपने एंड्रॉयड फोन पर डाउनलोड कर पढ़ सकता हैं। 

सत्यार्थ प्रकाश –  केवल सत्य कि और कदम

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​क्यों नहीं बन पाया अब तक अयोध्या में श्री राम मंदिर
सवाल तो बहुत मजबूत हैं लेकिन जवाब भी जान ले…. 
अगर आप देश के किसी भी कोने में 

किसी भी दस मुस्लिम से यह प्रश्न करोगे कि 

अयोध्या में क्या बनाया जाये… 
दस के दसों एक आवाज में कहेंगे… सिर्फ बाबरी मस्जिद
लेकिन यही प्रश्न आप दस हिंदु से पूछ के देख लो… 

पुरे देश में घुमने कि जरूरत भी नहीं, उत्तर प्रदेश के ही दस हिंदु से पूछ लेना… मुश्किल से 1 या 2 हिंदु मिलेगा जो यह कहने की हिम्मत करेगा कि वहाँ सिर्फ श्री राम का मंदिर बनना चाहिए… शेष मुर्ख या तो कहेंगे कि अस्पताल या स्कूल बना दिया जाए या फिर मंदिर-मस्जिद दोनो साथ में बनाने को सही ठहरा देगा!!! 
निष्कर्ष यह.. कि इस देश का हिंदु इतना भटक चुका हैं कि ना ही उसे धर्म का ज्ञान हैं और ना ही अयोध्या के इतिहास का ज्ञान… लेकिन मुस्लिम समुदाय पुरी तरह एक राय से संगठीत हैं… भाई, दर शुक्रवार एसे ही थोडे अपना धंधा-पानी छोड के भागे चलते हैं!!! 
मंदिर ना बनने का बडा दोष उनका भी हैं जो अपनी जाती, अपने समुदाय, भाई-भतीजावाद के चलते मंदिर तो छोडो, अपने राज्य व अपने घर कि महिलाओं कि रक्षा को भी ताक पर रख कर आरक्षण कि भीख में वोट नेताओं के पीछे चल पड़ते हैं…. सोच कर देख लो,  सिर्फ राममंदिर के नाम पर ही नेता चुन लेते तो वाकई प्रदेश सहित पुरे भारत का उद्धार हो जाता! 
जय श्री राम

कांग्रेस और हिंदु-आतंकवाद का सच

भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों द्वारा इस खुलासे से कि समझौता ब्लास्ट मामले में पुरोहित व अन्यो के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं, कांग्रेस के देशद्रोही चेहरे को एक बार फिर से उजागर कर दिया है।

UPA के समय में ही समझौता ब्लास्ट व मालेगांव ब्लास्ट के तुरंत बाद सौंपी गई NIA रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से हमले कि साजिश के तार पाकिस्तान व बंग्लादेश से जुडे होने कि बात कही गई थी लेकिन कांग्रेस सरकार के मंत्रियों ने उदे दर किनार कर हमले का दोष पुरी तरह से RSS व VHP के कार्यकर्ताओं के सिर लगाया।

इससे पूर्व भी इशरत के मामले में सोनिया सरकार के गृह मंत्री के झूठे शपथ पत्रों से यह सिद्ध हो चुका हैं कि वे आतंकियों को बचाने के लिए हिंदू नेताओ और संतो पर झूठे मामले दर्ज करते थे। कांग्रेस के मोदी के खिलाफ ‘झुठे एंकाऊंटर’ कि धज्जीया तब से उडनी शुरू हो गई थी जब से अमेरिका में कैद आतंकी डेविड हेडली ने इशरत को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा कि आत्मघाती दल का हिस्सा बताया था।

भारत के खिलाफ रची गई एसी घीनोनी व राष्ट्रद्रोही हरकत के पीछे कांग्रेस के तीन लक्ष्य साफ तौर से उभरकर आते हैं…

पहला – RSS व VHP जैसी राष्ट्रवादी संगठनों कि साख को धुमील करना जिससे वे आम जनता के लिये अपेक्षीत बने रहे।

दुुसरा – इस तरह से वे पूरे भारत में सांप्रदायिक कट्टरता को बढावा देने कि कोशिश में लगे थे जिससे अल्पसंख्यक वोट बैंक डर कर उनके पक्ष में खडा रहे।

तीसरा – विश्व स्तर पर हिंदू-आतंकवाद को मुद्दा बनाकर पुरे विश्व में भारत को बदनाम करना जिससे भारत कि पहचान भी आतंक समर्थित देशों मे होने लगे जिसमें सिधा फायदा पाकिस्तान का था जो कश्मीर मुद्दे पर त्रिपक्षीय वार्ता कि मंशा को पुरा कर सकता था।

इस संबंध के कुछ ध्यान देने वाले तथ्य….

समझौता ब्लास्ट में जहाँ कर्नल पुरोहित व चार अन्य पिछले 9 साल से जेल में बंद हैं वहीं मालेगांव ब्लास्ट में साध्वी प्रज्ञा सिंह सहित अन्य सात-सालों से जेल में बंद हैं। यहाँ तक कि जेल में ही साध्वी प्रज्ञा कैंसर से भी ग्रसित हो चुकी हैं लेकिन अदालतों से जमानत भी नामंजूर ही कि गई। यह जान कर और भी हैरत होगा कि अब तक सबूत के अभाव में इनके खिलाफ एक भी चार्जशीट तक दाखिल ना हो सकी। इसी तरह इशरत जहां केस में बंजारा जैसे अधिकारी जिनको पुरस्कृत किया जाना चाहिए था उन्हे भी चार साल जेल में बंद कर रखा गया।

इन सबकी गलती मात्र इतनी ही थी कि ये राष्ट्रवादी संगठनों से जुडे थे, देश के लिये कार्यरत थे व हिंदु समुदाय से थे।

पहले सिमी जैसे देशद्रोही संगठनो को समर्थन और उसके बाद बिना सबूतों के हिन्दू आतंकवाद शब्द को गढ़ना, यह बताता है  कि सोनिया गाँधी  सत्ता प्राप्त करने के लिए किसी भी सीमा तक जाकर देश को नुकसान पंहुचा सकती है। सोनिया ने न केवल आतंकियों के हौंसले बढ़ाये हैं अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का मजाक बनवाया है। इन्होने झूठे मामलों में हिन्दुओ को फंसाकर अल कायदा के सहायक बनकर असली आतंकियों को छोड़ने का अपराध भी किया है।

कांग्रेस के इस षडयंत्र में फँस कर मैकाले कि शिक्षा से शिक्षित एक वर्ग व इनके साथ बिकाऊ मिडिया RSS व VHP कि तुलना आतंकी संगठनों से करने को तुली रहती हैं। आज यह वर्ग व विदेशी मिडिया देश व संस्कृति के लिये आवाज उठाने वाले हर शख्स को एक संघी का ठप्पा लगाकर पेश करता आया हैं।

देश की सुरक्षा से जुड़े इन अति संवेदनशील मामलों में कांग्रेस की यह कार्यवाही एक अपराधिक षड़यंत्र है। इन अपराधों के लिये सोनिया -राहुल पर राष्ट्रद्रोह का केस बनता हैं। एसे षडयंत्रों के लिए जनता की जागरूकता ही एक मात्र उत्तर बन सकती हैं।

|| जय हिंद ||

जागृता का प्रतीक : हर तरफ भगवा 🚩

इस बार हिंदू नववर्ष के दिन फेसबुक, ट्विटर व वाट्सअप जैसे सोशियल मिडिया में नववर्ष को मनाने वालों कि भरमार दिखी। यहाँ तक कि हर शहर व गांव के चौराहों,  पर भगवा साफा व तिलक लगाने हेतु कई भाई-बहन खड़े दिखे। कई जगह भगवा रैलियां निकाली गई और हर रैली में उमडी भगवा भक्तों कि भीड विरोधियों के आँख-नाक-कान सुजाने का सामर्थ्य रखती थी।

पिछले कुछ सालों से लगातार हिंदू त्योहारों के प्रति लोगों कि बढ़ती जागरूकता अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी हैं। इश्वर की कृपा से ऐसे ही जागरूकता आती रही तो यह निश्चित मानों की आने वाला वक्त हिन्दुत्ववादी हिंदुस्तान का होगा। एसा राष्ट्र जिसमें प्रत्येक धर्म व संप्रदाय सुरक्षित-संपन्न रहकर देश कि संस्कृति व सभ्यता का सम्मान करेगा।

यदी आपने अभी तक हिंदु युग कि पुनरावृति में अपना कोई सहयोग नहीं किया हैं तो अवश्य करना प्रारंभ कर दे केवल और केवल एक भारतीय बनकर।

यह हमारा सौभाग्य ही हैं कि जिस हिंदू युग का स्वप्न लेकर पूज्य स्वामी विवेकानंद से लेकर पूज्य विर सावरकर तक लाखों बलिदान हो गये, आज हमें उस युग कि नीव खडी करने का अवसर मिल रहा हैं जिससे हम ना केवल अपना जिवन सफल कर सकते हैं बल्कि अपनी अगली पीढ़ीयों को सुरक्षित व समृध्द राष्ट्र समर्पित कर सकते हैं।

अकेले रहे तो औकात नहीं! संगठन में हि शक्ति हैं।

जागो और जगाऔ
भारत का भविष्य बनाऔ

🚩 वन्देमातरम् 🚩

तोडने की साजीश

जरा सोचिये…

अखलाक (दादरी) के बहाने …!
हमें साम्प्रदायिक बनाया

रोहित (हेदराबाद) के बहाने ….!
हमें जातिवादी बताया

अब तृप्ती देसाई (शनि शिगणांपुर) के बहाने ..
हमें स्त्रीयों पर पाबंदी लगाने वाला
पुरूष प्रधान समाज साबीत किया जा रहा है…

चारों तरफ से घेरा जा रहा है..
हमें टुकडों में तोडा जा रहा हैं…
उकसाया जा रहा हैं ताकी हम अपनी सहनशीलता
को त्याग हिंसा पर उतर आये…

और यदी किसी ने उकसावे में प्रतीकार कर दिया तो फिर उससे प्रमाणीत किया जायेगा की भारत “असहनशील” हो गया हैं!!!

समजो इन विदेशी हाथो कि कठपुतली, इन सेक्युलर मक्कारो और मिडीयाई गद्दारों द्वारा फैलाई जा रही साजीशो को…

इस देश कि अखंडता तब तक सुरक्षीत नहीं जब तक देश का हिंदु जागृत व एकझुट नहीं!!!

विशेष:
” हिंदु ” कोई धर्म नहीं बल्की भारतीय जीवन शैली का नाम हैं| इस देश की मिट्टी में जन्मा हर शक्स जो भारतीय मिट्टी में पनपे विभीन्न धर्मों का अनुयायी हो अथया मानता हो कि उसके पुर्वज उनसे जुडे हुवे थे या वह जो भारतीय संस्कृती व सभ्यता से जुड कर खुद को भाग्यशाली मानता हो, वह एक “हिंदु” ही हैं|

हिंदु = जेन + सिख + बोद्ध + सनातन
(सभी धर्म जो देश कि ही मिट्टी में पनपे)

|| जागो और जगाऔ, देश बचाऔ ||

……..जन-जन को इसे भेजो…….